Prem Abhilasha (प्रेम अभिलाषा )

वक्त के थमने का इंतजार क्यों करते हो | छोड़ चला हो जो बीच राह मे, उसे प्यार क्यों करते हो || अपनी कमियो को अपनी ताकत बना के देखो , सर झुकायेगी ये दुनिया जिस मे तुम जीने को डरते हो ||..||

Sunday, March 4, 2012

Posted by Unknown at 2:30 AM
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Prem Abhilasha

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      • मिलेगा न हमसा कोई दूसरा
      • मेरी चाहत नहीं
      • यूँ दर बदर भटकता रहा, नहीं मिला किसी का सहारा |
      • ये नदियाँ, ये हवाएं, ये वक्त यूँ ही थम जायेगा | च...
      • ये मधुमस्ता हवाएं ,ये रेशम सी घटायें ||
      • समंदर की जो लहरों को मचलना खूब आता हैं |
      • कि देवताओं के देश मैं अशुरों का राज हुवा
      • जो खुद को ही भूल गया हैं ,
      • यूँ खिलने लगे है रंग फूलो के संग,              ...
      • जीवन परिचय नाम - ललित मोहन बिष्ट पिता -श्री आनंद...
      • हर एक पल पल का हमको हिसाब देना पड़ा,           ...
      • हर एक पल पल का हमको हिसाब देना पड़ा,           ...
      • जमी पर चलना भी मुश्किल सा लगे जिन्हें ,          ...
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      • तेरी यादों को जीने का, सहारा मै समझता हूँ ||

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